गरीब नही हूँ
कल शाम मे एक औरत को ठिठुरता देख
मैरे दोस्त ने अपना कम्बल उसके बदन पर दे दिया।
मैरे दोस्त ने अपना कम्बल उसके बदन पर दे दिया।
उसने कम्बल फ़ेकते हुए कहा
“गरीब नही हूँ शादी मे जा रही हूँ ।”
“गरीब नही हूँ शादी मे जा रही हूँ ।”
हंसते रहो, मुस्कुराते रहो और हमें पढ़ते रहो :)