सुबह का भूला आज कल सुबह नहीं होती बल्कि सीधे दोपहर हो जाती है। सुबह का भूला शाम को घर आये तो उसे भूला हुआ नहीं... . . . . . . . . बल्कि भुना हुआ कहते हैं।